
नामपेन्ह: क्या पैसा इतना जरूरी है कि इसे पाने के लिए जान की बाजी भी लगानी पड़े तो कोई हर्ज नहीं। नहीं न, पैसा जान से बढ़ कर नहीं हो सकता लेकिन कंबोडिया में सिर्फ 44 रुपए के चक्कर में एक ही परिवार के 7 लोगों को अपनी जान से हाथ धोने पड़ा।
मामला उत्तरी पश्चिमी प्रांत सिम रिप की है, जहां एक गांव में कुएं में गिरे 3000 रिल (कंबोडियाई करेंसी) को उठाने के चक्कर में यह दर्दनाक हादसा हुआ। 50 वर्षीय तू शेन ने भूलवश पैसे कुंए में गिरा दिए थे। गरीबी से मजबूर शेन ने कुंए में उतरने के लिए बांस का सहारा लिया लेकिन पैसे ढूंढ नहीं पाया। वह सही सलामत सही बाहर भी आ गया लेकिन उसे इस बात का अंदाजा नहीं था कि रात के समय कुंए में आक्सीजन की कमी हो जाएगी।
'कंबोडिया डेली' के अनुसार, अंधेरा होने से पहले शेन ने अपने 11 साल के बेटे शे उन को कुएं में उतारा लेकिन सांस नहीं ले पाने के कारण उसकी मौत हो गई। इसके बाद शे की 2 बहनें (13 साल) और शे रताना (15 साल) भी कुएं में उतरी और बाहर नहीं आ पाईं। मृतकों में हे शेंदी (12 साल), उसका भाई हे सांगदा (20 साल), शेम सोकी (15 साल) और तीब पाऊ (32 साल) शामिल हैं।
सो पीम (27 साल) इकलौता ऐसा शख्स है जो कुएं से जिंदा बाहर आ पाया लेकिन उसे भी गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती करवाया गया है और कई घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद रस्सियों के जरिए शवों को कुएं से बाहर निकाला गया। वहीं, गांव के मुखिया दाउंग चेक ने बताया कि शेन का परिवार बेहद गरीब है और उनके लिए 3000 रिल की अहमियत काफी ज्यादा थी।

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