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Thursday, June 5, 2014

मुंडे-महाजन परिवार को लगी बुरी नजर! अशुभ है 3 नंबर


नई दिल्ली: इसे दुखद संयोग कहें या कुछ और, लेकिन मुंडे -महाजन परिवार के लिए महीने का तीसरा दिन अशुभ लगता है। कार हादसे में केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री गोपीनाथ मुंडे के असामयिक निधन से यह बात सामने आई है कि परिवार के तीन सदस्य महीने के तीसरे दिन ही काल के गाल में समा गए।

यह दुखद सिलसिला मुंडे के साले प्रमोद महाजन के निधन के साथ शुरु हुआ था। वर्ष 2006 में 3 मई को ही मुम्बई के एक अस्पताल में प्रमोद महाजन ने दम तोडा था। 

प्रमोद महाजन को उनके भाई प्रवीण ने ही किसी बात पर विवाद के कारण 22 अप्रैल, 2006 को गोली मारी थी। 

महीने का तीसरा दिन एक बार फिर मनहूस साबित हुआ जब 3 मार्च, 2010 को प्रवीण महाजन ठाणे के एक अस्पताल में चल बसे। मस्तिष्काघात के बाद अस्पताल में कई सप्ताह तक उनका इलाज चला था।

मुंडे भी महीने के तीसरे दिन अस्पताल में इलाज के दौरान चल बसे। सडक हादसे के बाद उन्हें अस्पताल लाया गया था।

ऐसा प्रतीत होता है कि भाजपा के वरिष्ठ नेता प्रमोद महाजन के परिवार को किसी की बुरी नजर लग गई हैं। प्रमोद महाजन के बहनोई गोपीनाथ मुंडे की एक सड़क दुर्घटना में मौत हो गई। 

यह दुर्घटना देश और भाजपा के लिए तो बहुत बड़ी क्षति है ही, क्योंकि उनके एक कद्दावर नेता का निधन हो गया है लेकिन इस निधन का एक दूसरा पक्ष भी है, जो काफी दर्दनाक है अगर उस पक्ष पर हम नजर डालें, तो हम पाएंगे कि मुंडे की मौत से उस परिवार को काफी नुक्सान हुआ है, जिसने अपना अभिभावक खो दिया

हम बात कर रहे हैं प्रमोद महाजन के परिवार की। सभी जानते हैं कि गोपीनाथ मुंडे प्रमोद महाजन की इकलौती बहन प्रज्ञा महाजन के पति थे और इस हादसे से पूरा महाजन परिवार सदमे में है. मुंडे के निधन के बाद महाजन परिवार के तीन पुरुष सदस्य प्रमोद महाजन, प्रवीण महाजन और गोपीनाथ मुंडे असमय काल के शिकार बन गए हैं।

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