
न रहेगी गरीबी तो देना नहीं पड़ी दू रुपए चावल ला
गरीबी मन संघ छल कपठ चलथे
भ्रष्टाचारी कतका हवे देख ले...
अरे आयवो कहते जाओ सिप्रोसीन नाम का चूहाम्ाार् दवा,,
आखिर ताहींच हा कहत रहे गौटिया?? ओखर पेट में अब्बर चूहा कूदत रिहिस,,मुसुवा हा अतलांग करे रहिस।।।
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